:
Breaking News

रोहित शेट्टी के घर फायरिंग केस में बड़ा खुलासा: नेपाल कनेक्शन से हुई फंडिंग, 12 आरोपी गिरफ्तार

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

मुंबई में चर्चित फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना अब साधारण आपराधिक वारदात से कहीं बड़ी साजिश की ओर इशारा करती दिख रही है। मामले की जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच को ऐसे अहम सुराग मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि हमले को अंजाम देने के लिए न सिर्फ पेशेवर शूटर्स का इस्तेमाल किया गया, बल्कि इसके लिए सुनियोजित तरीके से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फंडिंग भी की गई।
जांच एजेंसियों के अनुसार, फायरिंग करने वाले आरोपियों के बैंक खातों में घटना से पहले संदिग्ध लेनदेन हुए थे। ये रकम अलग-अलग एटीएम के जरिए नकद जमा कराई गई थी, ताकि ट्रांजैक्शन का स्रोत छिपाया जा सके। बैंकिंग रिकॉर्ड की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस फंडिंग का कनेक्शन पड़ोसी देश नेपाल से जुड़ा हो सकता है। पुलिस अब इस एंगल पर विशेष रूप से जांच कर रही है और अंतरराज्यीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की संभावना भी खंगाली जा रही है।
क्राइम ब्रांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खातों में रकम सीधे जमा कराई गई थी, लेकिन जमा करने वाले व्यक्तियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग शहरों से एटीएम का इस्तेमाल किया। पुलिस ने संबंधित बैंकों को आधिकारिक पत्र भेजकर खातों की विस्तृत जानकारी, कैश जमा करने वाले लोगों के सीसीटीवी फुटेज और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री मांगी है। इससे यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि रकम किस चैनल के जरिए आई और उसके पीछे कौन लोग सक्रिय थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि आगरा से गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपियों को पहले भी संदिग्ध तरीके से पैसे मिलते रहे थे। इससे पुलिस को शक है कि हमले की साजिश अचानक नहीं, बल्कि काफी पहले से रची जा रही थी। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की फंडिंग और पेशेवर अपराधियों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि घटना के पीछे कोई संगठित आपराधिक गिरोह या बाहरी नेटवर्क काम कर रहा हो सकता है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले देर रात रोहित शेट्टी के जुहू स्थित बंगले के बाहर अचानक बाइक सवार हमलावरों ने गोलियां चलाई थीं। हालांकि, इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन घटना ने फिल्म इंडस्ट्री और सुरक्षा एजेंसियों को गंभीर चिंता में डाल दिया था। इसके बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और मामले की जांच सीधे क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी।
पुलिस ने इस मामले में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा के अलग-अलग जिलों से की गई हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिनके आधार पर पुलिस फंडिंग नेटवर्क और मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार, जांच का फोकस अब तीन प्रमुख बिंदुओं पर है—पहला, फायरिंग की असली साजिश किसने रची; दूसरा, शूटर्स को किस नेटवर्क ने पैसे पहुंचाए; और तीसरा, क्या इस पूरी घटना के पीछे किसी बड़े आपराधिक या आतंकी गिरोह की भूमिका है। पुलिस का कहना है कि बैंकिंग और डिजिटल सबूतों की जांच पूरी होने के बाद मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच कई राज्यों में एक साथ चल रही है और क्राइम ब्रांच का दावा है कि जल्द ही साजिश की पूरी परतें खुलकर सामने आ जाएंगी।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *